शब्दालय
शब्दालय शब्दों का श्रृंगार हैं
जो आपको कभी गरीबी का एहसास नहीं मिलता
शब्दालय आपका अकेला पण स्वीकार करता हैं
शब्दों से जुड़ना भी एक अलग ही
मंज़िल तक ले चलते हैं
शब्दों से मैं खेलने की कोशिश मैं मुझे अपने ही शब्दों में उलझा देता हैं ये शब्दालय
शब्दों से.....
जुड़ना
लड़ना
बिछड़ना
तो उनमे उलझे हुए रहना
आपको खुद से जकड़े हुए रखते हैं
शब्दों से मैं लड़ता हूँ हर बार उनसे जुड़ने के लिए
शब्दों से आप अपनी अलग रास्ता बना सकते है चलने के लिए !
शब्दालय की बढ़ती हुयी समझ आपको
जीवन के उजाले की और ले जाती हैं
शब्दालय समय के साथ
शब्दों का भार बस बोलने वाले आधारित है
कही बार
एक शब्द मन्त्र हो जाता है तो
कही एक शब्द गाली कहलाता है!
दोस्ती को हमेशा शब्दों से पिरोया जाता है
जो बस दोस्ती शब्द ही उन्हें जोड़ पाता हैं!
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