शृंगार

 

 

 



शृंगार


गोरा, अश्वेत या सांवला

तेरे त्वचा का रंग ही तेरा शृंगार है।


ना सिंदूर से न हिजाब से

तेरा खूबसूरत होना तेरा स्त्री होने से हैं  


होता होगा उसका भी मन में तितली बनाकर  

पिंजरे से आजाद हो जाऊं?


इस सुंदर सी दुनिया में मैं एक चमकता सूरज या तारा बन जाऊं।

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